सूरह अज़-ज़ुखरुफ़ (सजावट — الزخرف) (आयत 39)

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43 अज़-ज़ुखरुफ़(الزخرف), आयत ३९

وَلَنْ يَنْفَعَكُمُ الْيَوْمَ إِذْ ظَلَمْتُمْ أَنَّكُمْ فِي الْعَذَابِ مُشْتَرِكُونَ 39 ٣٩

और जबकि तुम ज़ालिम ठहरे तो आज यह बात तुम्हें कुछ लाभ न पहुँचा सकेगी कि यातना में तुम एक-दूसरे के साझी हो (३९)

तफ़सीर
अल्लाह क़ियामत के दिन काफ़िरों से कहेगा : आज तुम्हारा यातना में एक साथ होना, तुम्हें हरगिज़ लाभ न देगा, जबकि तुम शिर्क और पाप के द्वारा अपने ऊपर अत्याचार कर चुके हो। क्योंकि तुम्हारे साथी तुम्हारी ओर से तुम्हारी यातना का कुछ भी वहन नहीं करेंगे।

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