उस दिन सभी मित्र परस्पर एक-दूसरे के शत्रु होंगे सिवाय डर रखनेवालों के। - (६७)
तफ़सीर
कुफ़्र तथा गुमराही के आधार पर मित्रता और दोस्ती रखने वाले क़ियामत के दिन एक-दूसरे के शत्रु होंगे, लेकिन जो लोग अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई चीज़ों से बचते हुए उससे डरने वाले हैं, उनकी मित्रता स्थायी और अंतहीन होगी।
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