सूरह अल-फ़त्ह (विजय — الفتح) (आयत 23)

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48 अल-फ़त्ह(الفتح), आयत २३

سُنَّةَ اللَّهِ الَّتِي قَدْ خَلَتْ مِنْ قَبْلُ ۖ وَلَنْ تَجِدَ لِسُنَّةِ اللَّهِ تَبْدِيلًا 23 ٢٣

यह अल्लाह की उस रीति के अनुकूल है जो पहले से चली आई है, और तुम अल्लाह की रीति में कदापि कोई परिवर्तन न पाओगे (२३)

तफ़सीर
ईमान वालों की जीत और काफ़िरों की हार हर समय और जगह में तय है। यह उन समुदायों में अल्लाह का नियम रहा है, जो इन इनकार करने वालों से पहले गुज़रे हैं। और (ऐ रसूल!) आप अल्लाह के नियम में कदापि कोई बदलाव नहीं पाएँगे।

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