ऐ ईमान लानेवालो! प्रतिबन्धों (प्रतिज्ञाओं, समझौतों आदि) का पूर्ण रूप से पालन करो। तुम्हारे लिए चौपायों की जाति के जानवर हलाल हैं सिवाय उनके जो तुम्हें बताए जा रहें हैं; लेकिन जब तुम इहराम की दशा में हो तो शिकार को हलाल न समझना। निस्संदेह अल्लाह जो चाहते है, आदेश देता है (१)
तफ़सीर
ऐ ईमान वालो! तुम उन सभी वचनों एवं प्रतिज्ञाओं को पूरा करो, जो तुमने अपने और अपने स्रष्टा के बीच तथा अपने और उसकी रचना के बीच किए हैं। अल्लाह ने तुमपर दया करते हुए तुम्हारे लिए पशुधन : (ऊँट, गाय तथा बकरी) को हलाल किया है, सिवाय उन जानवरों के जिनका हराम होना तुम्हें पढ़कर सुनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त हज्ज या उम्रा का एहराम बाँधे होने की स्थिति में तुमपर जंगली जानवरों का शिकार करना भी हराम है। अल्लाह अपनी हिकमत के अनुसार जो चाहता है हलाल या हराम होने का फैसला करता है। क्योंकि उसे कोई बाध्य करने वाला नहीं और न ही कोई उसके हुक्म पर आपत्ति कर सकता है।
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