सूरह अल-माइदा (परोसा गया भोजन — المائدة) (आयत 39)

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5 अल-माइदा(المائدة), आयत ३९

فَمَنْ تَابَ مِنْ بَعْدِ ظُلْمِهِ وَأَصْلَحَ فَإِنَّ اللَّهَ يَتُوبُ عَلَيْهِ ۗ إِنَّ اللَّهَ غَفُورٌ رَحِيمٌ 39 ٣٩

फिर जो व्यक्ति अत्याचार करने के बाद पलट आए और अपने को सुधार ले, तो निश्चय ही वह अल्लाह की कृपा का पात्र होगा। निस्संदेह, अल्लाह बड़ा क्षमाशील, दयावान है (३९)

तफ़सीर
जो व्यक्ति चोरी से अल्लाह के समक्ष तौबा कर ले और अपने कार्य को सुधार ले, तो अल्लाह अपने अनुग्रह से उसकी तौबा स्वीकार कर लेगा; क्योंकि अल्लाह अपने बंदों में से तौबा करने वालों के पापों को क्षमा करने वाला, उनपर दया करने वाला है। लेकिन अगर मामला शासकों के पास पहुँच गया है, तो तौबा करने से उनका शरई ह़द समाप्त नहीं होगा।

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