सूरह अन-नज्म (तारा — النجم) (आयत 51)

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53 अन-नज्म(النجم), आयत ५१

وَثَمُودَ فَمَا أَبْقَىٰ 51 ٥١

और समूद को भी। फिर किसी को बाक़ी न छोड़ा। (५१)

तफ़सीर
और सालेह अलैहिस्सलाम की जाति समूद को विनष्ट किया, फिर उनमें से किसी को बाक़ी न छोड़ा।

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