सूरह अल-क़मर (चाँद — القمر) (आयत 34)

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54 अल-क़मर(القمر), आयत ३४

إِنَّا أَرْسَلْنَا عَلَيْهِمْ حَاصِبًا إِلَّا آلَ لُوطٍ ۖ نَجَّيْنَاهُمْ بِسَحَرٍ 34 ٣٤

हमने लूत के घरवालों के सिवा उनपर पथराव करनेवाली तेज़ वायु भेजी। (३४)

तफ़सीर
हमने उनपर एक ऐसी हवा भेजी, जो उनपर पत्थर बरसा रही थी, सिवाय लूत अलैहिस्सलाम के घर वालों के, उन्हें अज़ाब ने नहीं छुआ। हमने उन्हें बचा लिया; क्योंकि लूत अलैहिस्सलाम रात के अंत में यातना आने से पहले ही उन्हें लेकर चले गए।

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