सूरह अर-रहमान (परम दयालु — الرحمن) (आयत 22)

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55 अर-रहमान(الرحمن), आयत २२

يَخْرُجُ مِنْهُمَا اللُّؤْلُؤُ وَالْمَرْجَانُ 22 ٢٢

उन (समुद्रों) से मोती और मूँगा निकलता है। (२२)

तफ़सीर
दोनों सागरों से छोटे और बड़े मोती निकलते हैं।

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