सूरह अर-रहमान (परम दयालु — الرحمن) (आयत 26)

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55 अर-रहमान(الرحمن), आयत २६

كُلُّ مَنْ عَلَيْهَا فَانٍ 26 ٢٦

प्रत्येक जो भी इस (धरती) पर है, नाशवान है (२६)

तफ़सीर
धरती के ऊपर मौजूद सभी प्राणी अनिवार्य रूप से नष्ट होने वाले हैं।

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