सूरह अल-मुजादिला (विवाद करने वाली — المجادلة) (आयत 16)

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58 अल-मुजादिला(المجادلة), आयत १६

اتَّخَذُوا أَيْمَانَهُمْ جُنَّةً فَصَدُّوا عَنْ سَبِيلِ اللَّهِ فَلَهُمْ عَذَابٌ مُهِينٌ 16 ١٦

उन्होंने अपनी क़समों को ढाल बना रखा है। अतः वे अल्लाह के मार्ग से (लोगों को) रोकते है। तो उनके लिए रुसवा करनेवाली यातना है (१६)

तफ़सीर
उन्होंने अपनी क़समों को, जो वे खाया करते थे, कुफ़्र के कारण क़त्ल होने से बचने के लिए ढाल बना ली, क्योंकि उन्होंने क़समों के माध्यम से अपनी जान और माल की रक्षा के लिए मुसलमान होने का दिखावा किया। इस तरह उन्होंने लोगों को सत्य से फेर दिया। क्योंकि वे मुसलमानों को कमज़ोर और हतोत्साहित करते थे। अतः उनके लिए अपमानजनक यातना है, जो उन्हें अपमानित और तिरस्कृत करेगी।

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