सूरह अल-हश्र (एकत्रीकरण — الحشر) (आयत 13)

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59 अल-हश्र(الحشر), आयत १३

لَأَنْتُمْ أَشَدُّ رَهْبَةً فِي صُدُورِهِمْ مِنَ اللَّهِ ۚ ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمْ قَوْمٌ لَا يَفْقَهُونَ 13 ١٣

उनके दिलों में अल्लाह से बढ़कर तुम्हारा भय समाया हुआ है। यह इसलिए कि वे ऐसे लोग है जो समझते नहीं (१३)

तफ़सीर
निश्चय मुनाफ़िकों और यहूदियों के दिलों में (ऐ मोमिनो) तुम्हारा भय अल्लाह (के भय) से अधिक है। और यह (अर्थात् उनका तुमसे अत्यधिक डरना और अल्लाह का डर कमज़ोर होना) इस कारण है कि वे ऐसे लोग हैं, जो कुछ नहीं समझते। क्योंकि यदि वे समझते होते, तो उन्हें पता होता कि अल्लाह डरने और भयभीत होने के अधिक योग्य है। क्योंकि उसी ने तुम्हें उनपर प्रभुत्व प्रदान किया है।

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