सूरह अल-अनआम (पशु — الأنعام) (आयत 24)

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6 अल-अनआम(الأنعام), आयत २४

انْظُرْ كَيْفَ كَذَبُوا عَلَىٰ أَنْفُسِهِمْ ۚ وَضَلَّ عَنْهُمْ مَا كَانُوا يَفْتَرُونَ 24 ٢٤

देखो, कैसा वे अपने विषय में झूठ बोले। और वह गुम होकर रह गया जो वे घड़ा करते थे (२४)

तफ़सीर
(ऐ मुहम्मद!) देखो कैसे इन लोगों ने अपने बारे में शिर्क का इनकार करके खुद से झूठ बोला, तथा ये अपने सांसारिक जीवन में अल्लाह के साथ जो साझी गढ़ा करते थे, वे इनसे ग़ायब हो गए और इन्हें असहाय छोड़ गए।

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