सूरह अल-क़लम (कलम — القلم) (आयत 2)

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68 अल-क़लम(القلم), आयत २

مَا أَنْتَ بِنِعْمَةِ رَبِّكَ بِمَجْنُونٍ 2 ٢

तुम अपने रब की अनुकम्पा से कोई दीवाने नहीं हो (२)

तफ़सीर
(ऐ रसूल) आप, अल्लाह के इस अनुग्रह से कि उसने आपको नबी बनाया, दीवाने हरगिज़ नहीं हैं। बल्कि, आप उस पागलपन से बरी हैं, जिससे मुश्रिकों ने आपको आरोपित किया है।

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