सूरह अल-मआरिज (ऊपर चढ़ने के मार्ग — المعارج) (आयत 30)

नीचे दिए गए खोज उपकरण का उपयोग करके किसी विशिष्ट सूरह से एक या एक से अधिक चयनित आयतें और आपकी चुनी हुई भाषा में उनका अनुवाद देखें।




70 अल-मआरिज(المعارج), आयत ३०

إِلَّا عَلَىٰ أَزْوَاجِهِمْ أَوْ مَا مَلَكَتْ أَيْمَانُهُمْ فَإِنَّهُمْ غَيْرُ مَلُومِينَ 30 ٣٠

अपनी पत्नि यों या जो उनकी मिल्क में हो उनके अतिरिक्त दूसरों से तो इस बात पर उनकी कोई भर्त्सना नही। - (३०)

तफ़सीर
सिवाय अपनी पत्नियों और अपने स्वामित्व में आई हुई दासियों के। क्योंकि उनसे संभोग आदि से लाभ उठाने में उनपर कोई दोष नहीं है।

वैकल्पिक रूप से, आप नीचे दी गई स्मार्ट खोज सुविधा का उपयोग कर सकते हैं