सूरह अल-क़ियामह (क़ियामत (पुनरुत्थान) — القيامة) (आयत 34)

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75 अल-क़ियामह(القيامة), आयत ३४

أَوْلَىٰ لَكَ فَأَوْلَىٰ 34 ٣٤

अफ़सोस है तुझपर और अफ़सोस है! (३४)

तफ़सीर
इसलिए अल्लाह ने काफ़िर को धमकी दी कि अल्लाह की यातना उसके निकट आ चुकी है।

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