सूरह अल-क़ियामह (क़ियामत (पुनरुत्थान) — القيامة) (आयत 3)

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75 अल-क़ियामह(القيامة), आयत ३

أَيَحْسَبُ الْإِنْسَانُ أَلَّنْ نَجْمَعَ عِظَامَهُ 3 ٣

क्या मनुष्य यह समझता है कि हम कदापि उसकी हड्डियों को एकत्र न करेंगे? (३)

तफ़सीर
क्या इनसान यह सोचता है कि पुनर्जीवित करने के लिए उसकी मृत्यु के बाद हम उसकी हड्डियों को इकट्ठा नहीं करेंगे?!

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