सूरह अल-इंसान (मानव — الإنسان) (आयत 13)

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76 अल-इंसान(الإنسان), आयत १३

مُتَّكِئِينَ فِيهَا عَلَى الْأَرَائِكِ ۖ لَا يَرَوْنَ فِيهَا شَمْسًا وَلَا زَمْهَرِيرًا 13 ١٣

उसमें वे तख़्तों पर टेक लगाए होंगे, वे उसमें न तो सख़्त धूप देखेंगे औ न सख़्त ठंड़ (१३)

तफ़सीर
वे उसके अंदर अलंकृत तख्तों पर टेक लगाए बैठे होंगे। वे न उसमें सूरज देखेंगे, जिसकी किरणें उन्हें कष्ट देंगी और न ही भयंकर ठंड। बल्कि वे एक स्थायी छाया में होंगे, जिसमें न तो गर्मी होगी और न ही ठंड।

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