और तुम नहीं चाह सकते सिवाय इसके कि अल्लाह चाहे। निस्संदेह अल्लाह सर्वज्ञ, तत्वदर्शी है (३०)
तफ़सीर
और तुम अल्लाह की प्रसन्नता का मार्ग ग्रहण करने की इच्छा नहीं कर सकते, सिवाय इसके कि अल्लाह तुमसे ऐसा चाहे। क्योंकि सारा मामला अल्लाह के हाथ में है। अल्लाह जानता है कि उसके बंदों के लिए क्या अच्छा है, और उनके लिए क्या अच्छा नहीं है। वह अपनी रचना, तक़दीर (नियति) और शरीयत में हिकमत वाला है।
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