जब हमारी आयतें उसे सुनाई जाती है तो कहता है, "ये तो पहले की कहानियाँ है।" (१३)
तफ़सीर
जब उसके सामने हमारे रसूल पर अवतिरत होने वाली हमारी आयतों को पढ़ा जाता है, तो वह कहता है : यह तो पहले समुदायों की कहानियाँ हैं, अल्लाह की ओर से नहीं हैं।
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