सूरह अत-तौबा (तौबा (पश्चाताप) — التوبة) (आयत 39)

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9 अत-तौबा(التوبة), आयत ३९

إِلَّا تَنْفِرُوا يُعَذِّبْكُمْ عَذَابًا أَلِيمًا وَيَسْتَبْدِلْ قَوْمًا غَيْرَكُمْ وَلَا تَضُرُّوهُ شَيْئًا ۗ وَاللَّهُ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ 39 ٣٩

यदि तुम निकालोगे तो वह तुम्हें दुखद यातना देगा और वह तुम्हारी जगह दूसरे गिरोह को ले आएगा और तुम उसका कुछ न बिगाड़ सकोगे। और अल्लाह हर चीज़ की सामर्थ्य रखता है (३९)

तफ़सीर
यदि (ऐ मोमिनो!) तुम अपने दुश्मन से लड़ने के लिए अल्लाह के रास्ते में जिहाद करने के लिए नहीं निकलोगे, तो अल्लाह तुम्हें उत्पीड़न, अपमान और अन्य चीजों से दंडित करेगा, तथा तुम्हारे स्थान पर ऐसे लोगों को ले आएगा, जो अल्लाह के आज्ञाकारी होंगे, जब उन्हें जिहाद के लिए निकलने को कहा जाएगा, तो निकल पड़ेंगे। और तुम उसके आदेश की अवहेलना करके उसे कुछ भी हानि नहीं पहुँचा सकोगे। क्योंकि वह तुमसे बेनयाज़ है और तुम उसके मोहताज हो। और अल्लाह हर चीज़ करने में समर्थ है। कोई चीज़ उसे विवश नहीं कर सकती। अतः वह तुम्हारे बिना अपने धर्म और अपने नबी का समर्थन करने में सक्षम है।

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