सूरह अत-तौबा (तौबा (पश्चाताप) — التوبة) (आयत 63)

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9 अत-तौबा(التوبة), आयत ६३

أَلَمْ يَعْلَمُوا أَنَّهُ مَنْ يُحَادِدِ اللَّهَ وَرَسُولَهُ فَأَنَّ لَهُ نَارَ جَهَنَّمَ خَالِدًا فِيهَا ۚ ذَٰلِكَ الْخِزْيُ الْعَظِيمُ 63 ٦٣

क्या उन्हें मालूम नहीं कि जो अल्लाह औऱ उसके रसूल का विरोध करता है, उसके लिए जहन्नम की आग है जिसमें वह सदैव रहेगा। यह बहुत बड़ी रुसवाई है (६३)

तफ़सीर
क्या इन मुनाफ़िक़ों को नहीं पता कि वे ऐसा करने से अल्लाह और उसके रसूल का विरोध करने वाले हैं, और यह कि जो भी उनसे दुश्मनी करेगा, वह क़ियामत के दिन जहन्नम की आग में प्रवेश करेगा, जिसमें वह हमेशा रहेगा?! यही बहुत बड़ा अपमान और रुसवाई है।

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