यहाँ तक कि जब वह सूर्योदय स्थल पर जा पहुँचा तो उसने उसे ऐसे लोगों पर उदित होते पाया जिनके लिए हमने सूर्य के मुक़ाबले में कोई ओट नहीं रखी थी अल-कहफ १८:९० ⧉
तफ़सीर:
और वह चलता रहा, यहाँ तक कि जब वह (आँख की दृष्टि में) सूरज उगने की दिशा में पहुँच गया, तो उसने सूरज को ऐसे लोगों पर उगता हुआ पाया, जिनके लिए हमने सूर्य के ताप से बचने की कोई ओट, जैसे घर और पेड़ों की छाया नहीं बनाई थी।