Landscape MP4 Vertical MP4

सूरह अज़-ज़ारियात — आयत 9 (हिन्दी) — वीडियो

अज़-ज़ारियात • आयत 9 में से 60 • हिन्दी


يُؤْفَكُ عَنْهُ مَنْ أُفِكَ 9
अनुवाद:
इसमें कोई सरफिरा ही विमुख होता है अज़-ज़ारियात ५१:९
तफ़सीर:
क़ुरआन तथा नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर ईमान लाने से वही फेरा जाता है, जो अल्लाह के ज्ञान में उससे फेर दिया गया है; क्योंकि अल्लाह को पता है कि वह ईमान नहीं लाएगा, इसलिए उसे हिदायत की तौफ़ीक़ नहीं देता।
X Facebook Minutemailer Stellar WhatsApp Reddit
पूरी सूरह का वीडियो देखें
पूर्व अज़-ज़ारियात • आयत 8 अगला अज़-ज़ारियात • आयत 10