बात यह है कि अल्लाह की इच्छा ही क्रियान्वित है। निश्चय ही वह जानता है खुले को भी और उसे भी जो छिपा रहे अल-अ'ला ८७:७ ⧉
तफ़सीर:
सिवाय इसके कि अल्लाह यह चाहे कि किसी हिकमत के तहत आप उसमें से कोई बात भूल जाएँ। निश्चय अल्लाह खुली तथा छिपी सभी बातों को जानता है। उससे इसमें से कोई बात छिपी नहीं है।